मै तो आरती उतारूँ - संतोषी मातेची आरती

मै तो आरती उतारूँ, संतोषी मातेची आरती - [Me To Aarti Utaru, Santoshi Matechi Aarti] मै तो आरती उतारूँ रे संतोषी माता की.

मै तो आरती उतारूँ रे संतोषी माता की

मै तो आरती उतारूँ रे संतोषी माता की ।
मै तो आरती उतारूँ रे संतोषी माता की ।
जय जय संतोषी माता ।
जय जय माँ ।

बडी ममता हैम बडा प्यार माँ की आँखो में ।
माँ की आँखो में ।
बडी करुणा है, माया दुलार माँ की आँखो में ।
क्यों न देखूँ मै बार बार माँ की आँखो में ।
दिखे हर घडी नया चमत्कार माँ की आँखो में ।

नृत्य करूँ छुम छुम झम झमा झम झुम झुम ।
झाँकी निहारूँ रे ओ प्यारी प्यारी झाँकी निहारूँ रे ॥ १ ॥

सदा होती है जयजयकार माँ के मंदिर में ।
माँ मे मंदिर में ।
नित्य झांझर की होए झनकार माँ के मंदिर में ।
माँ के मंदिर में ।
सदा मंजीरे करते पुकार माँ के मंदिर में ।
दिखे हर घडी नया चमत्कार माँ के मंदिर में ।

दीप धरूँ धूप करूँ प्रेम सहित भक्ति करूँ जीवन सुधारूँ रे ।
ओ प्यारा प्यारा जीवन सुधारूँ रे ।

मै तो आरती उतारूँ रे संतोषी माता की ।
जय जय संतोषी माता ।
जय जय माँ ।
जय जय संतोषी माता ।
जय जय माँ ॥ २ ॥

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