घन घन माला
Lyrics : मन्ना डे
Music :
Singer :
Type :
Source : वरदक्षिणा
घन घन माला नभी दाटल्या
कोसळती धारा
केकारव करी मोर काननी
उभवून उंच पिसारा ॥धृ॥
कालिंदीच्या तटी श्रीहरी
तशात घमवी धुंद बासरी
एक अनामिक सुगंध येतो
ओल्या अंधारा ॥१॥
कृष्णविरहिणी कोणी गवळण
तिला अडविते कवाड अंगण
अंगणी अवघ्या तळे साचले
भिडले जलदारा ॥२॥
वर्षाकाली सायंकाली लुकलुक करिती
दिवे गोकुळी
तशात त्यांच्या पाठीस लागे
भिरभिरता वारा ॥३॥
मराठी गाणी अनुक्रमणिका |
||||||||||||
अ |
आ |
इ |
उ |
ए |
ओ |
अं |
क |
ख |
ग |
घ |
च |
छ |
ज |
झ |
ट |
ठ |
ड |
ढ |
द |
ध |
न |
प |
फ |
ब |
भ |
म |
य |
र |
ल |
व |
श |
स |
ह |
क्ष |
ज्ञ |
ऋ |
ह्र |
श्र |
त्र |
ॐ |
|||||||||||
मराठी गाणी शोधा | Search Marathi Songs |
||||||||||||
गीतकार | संगीतकार | गायक(स्वर) | चित्रपट गीत | नाट्य गीत | अभंग | पोवाडे | गीत रामायण |
||||||||||||





